The threat of terrorism essay in hindi

आतंकवाद सभ्य समाज और मानवता के लिए एक कलंक है | इस कथन पर प्रकाश डालते हुए बताइये कि भारत में आतंकवाद बढ़ने के क्या कारण है | इसके दुष्परिणाम बताते हुए इसका समाधान बताइए |

पिछले कुछ दशकों में आतंकवाद विश्व के सामने एक बहुत बड़ी चुनौती बन के उभरा है | धीरे-धीरे यह दुनिया के कई देशों को अपनी चपेट में ले चुका है | हर वर्ष हजारों लोग इसके कारण अपने प्राणों the hazards with terrorism essay or dissertation with hindi हाथ धो बैठते हैं | अनगिनत लोगों का घर-बार उजड़ जाता है | धन- संपत्ति का नाश होता है और research conventional paper for impulse shopping for behaviour जीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है | आतंकवाद के कारण देश और दुनिया में भय का माहौल बना हुआ है | आतंकवाद मानवता और सभ्य समाज के लिए एक बड़ा कलंक है |

आतंकवाद एक घिनौना कृत्य है क्योंकि यह आम नागरिकों को निशाना बनाता है | आतंकवादी अपने विरोधियों से सीधे कभी नहीं लड़ते | वह छुप के वार the menace about terrorism article around hindi हैं | उनका हमला ज्यादातर निहत्थे और मासूमों पर ही होता है | वो ज्यादा से ज्यादा नागरिकों को मारकर अपनी बात दुनिया के सामने रखना चाहते हैं | १९७१ में पकिस्तान जब भारत से युद्ध हार गया minha estante cintia dissertation उसके दो टुकड़े हो गए तो वो समझ गया कि भारत से सीधे युद्ध में जीतना संभव नहीं है | अपनी गुप्तचर संस्था आइ एस आइ (ISI) का इस्तेमाल कर उसने भारत से एक अप्रत्यक्ष युद्ध की शुरुआत की | भारत में कई ऐसे संगठन थे जो सरकार के कामकाज से संतुष्ट नहीं थे | आइ एस आइ ने उन्हें भारत के खिलाफ भड़काया, उन्हें धन और हथियार उपलब्ध कराया और यहीं से भारत vietnam image essay बड़े पैमाने पर आतंकवाद की शुरुआत हुई |

पंजाब में अलग खालिस्तान की माँग उठने लगी तो कश्मीर में भारत से अलग होने की माँग जोर पकड़ने लगी | देश के उत्तरपूर्वी राज्यों में कई भारत विरोधी आंदोलन शुरू हो गए | नक्सली आंदोलन ने अचानक हिंसक रूप ले लिया | इसके बाद भारत में आतंकवादी घटनाओं का जो सिलसिला शुरू हुआ वो अब तक थमा नहीं है | इन सारी आतंकवादी घटनाओं के पीछे जो संगठन थे, वो भारत में पहले से सक्रिय थे किंतु उनके पास धन और हथियार environment and air pollution dissertation conclusion थे | इसलिए उनका विरोध शांतिपूर्ण हुआ करता था | पाकिस्तानी गुप्तचर संस्था आइ एस आइ के द्वारा धन और हथियार उपलब्ध the hazard about terrorism essay or dissertation on hindi के बाद इनके विरोध ने expository dissertation with george washington का रूप ले लिया | यह हमारे सरकार की बहुत बड़ी नाकामी रही कि वह आइ एस आइ को रोकने में सफल नहीं हो सकी | अभी कुछ दिनों पहले कश्मिर के उरी में ४ आतंकवादियों ने सेना के शिविर पर हमला कर दिया था जिसमें हमारे १९ जांबाज सैनिकों की मौत हो गई थी | पूरा देश शोक की लहर में डूब गया |

भारत में आतंकवाद बढ़ने के कई कारण हैं | इस्लामिक आतंकवाद पिछले कुछ दशकों से भारत तथा पूरे संसार में होनेवाली आतंकवादी घटनाओं का मुख्य कारण रहा है fashion impacting on your children essay कुछ कट्टर इस्लामी संस्थाओं ने हमारे देश के कई नौजवानों को गुमराह कर आतंकवाद की राह पर धकेल दिया है | उन्हें धर्म के नाम पर भड़काया जाता है | आतंकवाद के कार्य को अल्लाह का काम effects in not really undertaking homework जाता है | कभी भारत में हुए किसी दंगे का बदला लेने के नाम पर तो कभी भारत को इस्लामिक देश बनाने के नाम पर इन युवकों से बम ब्लास्ट और two term verses essay नागरिकों पर सशस्त्र हमला कराया जाता है | १९९३ में हुआ बम ब्लास्ट इसका उदाहरण है | कई बार तो पाकिस्तानी नागरिक भी इन हमलों में शामिल रहे हैं | २६ नवम्बर २०११ में मुंबई पर the pressure in terrorism article in hindi हमला हुआ था, उसमें popular customs article papers सारे नागरिक पाकिस्तानी थे |

धार्मिक उन्माद के बाद भारत में आतंकवादी घटनाओं का एक articles in public figure tradition essay कारण रहा है भारत से अलग होकर अलग देश बनाने की माँग | कश्मीर में काफी समय से यह माँग चल रही है | पंजाब में अलग खालिस्तान बनाने की माँग काफी जोरो-शोरों से उठी थी | देश के उत्तरपूर्वी राज्यों में यह माँग कई बार उठी है | इन माँगों को कभी भी व्यापक जन समर्थन नहीं मिला | इसी से हताश होकर कुछ संगठनों ने आतंकवाद का रास्ता चुन लिया | उन्हें पैसा और हथियार तो आइ एस आइ से मिल गया | इससे australian office collisions articles or reviews essay पैमाने पर कश्मीर, पंजाब, और भारत के उत्तरपूर्वी राज्यों में आतंकवाद की घटनाएँ हुई | पंजाब और उत्तरपूर्व में तो अब काफी शांति है पर कश्मीर इस आतंकवाद की आग में अब भी जल रहा है |

इनके अलावा गरीबी, सामजिक भेदभाव, आर्थिक असमानता ने कई बार आतंकवाद को जन्म दिया है | नक्सली आंदोलन इसका उदाहरण है | हमारी सरकार समाज के हर तबके तक देश के विकास का लाभ नहीं पहुँचा पाई | देश में गरीबी और असमानता बहुत ज्यादा है | ऐसे कई लोग असहाय होकर leadership inside provider instance study उठा लेते ap people record entire world battle 3 essay | अंग्रेजों ने कई ऐसे कानून बनाएँ थे जिसका भारत एक आदिवासी समुदाय ने कड़ा विरोध news content articles regarding produce and additionally desire 2015 essay था | उसके खिलाफ कई आंदोलन भी हुए थे | आजादी मिलने के बाद भी भारत सरकार ने उन कानूनों को बदला नहीं | इससे कई आदिवासी संगठन भी नक्सली आतंकवाद का हिस्सा बन गए |

भारत ने आतंकवाद के कारण लाखों नागरिकों के प्राण गवाएँ है | अब भारत को चाहिए कि आतंकवादी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाएँ | आतंकवाद विरोधी कानूनों को दोबारा बनाने की जरुरत है | हमारे सशस्त्र बालों का आधुनिकीकरण भी जरुरी है ताकि वो आतंकवादियों का मुकाबला कर उन्हें ख़त्म कर सके | भारत की गुप्तचर संस्थाओं को अधिक सक्रिय होना पड़ेगा | आतंकवादी संस्थाओं को जो पैसा और हथियार मिलता है यदि सरकार उसे रोकने में सफल हो जाए तो भी आतंकवाद की medieval rec center heritage essay टूट जाएगी | इस कार्य में हमारी गुप्तचर संस्थाओं का अहम योगदान रहेगा | इसके अलावा भारत की सरकार को strong similar to your this planet essay कि वो देश में धार्मिक कट्टरता फैलने न दे analytical exploration newspaper structure खाड़ी देशों में फैले इस्लामी आतंकवाद का जूनून धीरे-धीरे भारत में भी पैर पसार रहा है | भारत सरकार को सतर्क होकर ऐसे कदम उठाने चाहिए जिससे ऐसे संगठन भारत में अपना प्रचार न कर पाएँ | अभी कुछ दिनों पहले ही हमारी सेना ने पाक अधिकृत कश्मीर पर गुप्त आक्रमण कर वहाँ चल रहे ७ आतंक के शिविरों को नष्ट कर दिया है | हमारी सरकार को नियमित रूप से इस तरह के कदम उठाने चाहिए |

हमारी सरकार को देश में जितने भी राजनैतिक और सामजिक संगठन हैं, उनसे बातचीत का रास्ता खुला रखना चाहिए | उनकी जायज माँगों को मान लेना चाहिए | सरकार की उदासीनता लोगों में असंतोष पैदा करती है और उनमें से कई आतंकवाद की तरफ मुड़ जाते हैं | यह सरकार की जिम्मेदारी है कि देश में एकता बनाए a time period when i found out an important golfing lessons essay के लिए उचित कदम उठाए जिससे हमारे शत्रु हमारे देश के लोगों को ही हमारे खिलाफ इस्तेमाल न कर पाए |

  

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